Introduction

Chhhattisgarh is a developing state of India rich in mines of Iron ore, Bauxite, Coal, Energy, Power Plant, Cement, other industries of Iron and Steel and in the production of Rice. After formation of new state in the year 2001 the state is growing day by day specially in the field of Technical, Computer and Professional Education. In the year 2001 there were only few Colleges but now there are many. But the increase in this field is quite negligible as compared to the number of students passing out from schools day by day.

The population of India is increasing at the rate of nearly 2% every year and total 2% population of India is in Chhattisgarh. But the colleges with job oriented technical and professional education in comparison to other near by states is very less. It is very necessary to stop the migration of students from chhattisgarh to other states for job oriented technical and professional education.

To cope up the increasing demand of job oriented Technical and Professional Educaiton and to generate employment opportunities Bilaspur Model Education Society decided to start a College having Job Oriented Courses.

Vision & Mission

DIRECTOR'S DESK

प्रिय छात्रों,

किं किं न साधयंति कल्पतेव विद्या?

विद्या रूपी कल्पवृक्ष से किन-किन इच्छाओं की पूर्ति नहीें हो सकती अर्थात समस्त इच्छाएं पूर्ण हो सकती हैं।

ईश्वर की सर्वोत्तम कृति मानव है क्योंकि उसे ईश्वर ने सोच कर काम करने की सर्वोच्च चेतना शक्ति प्रदान की है। यही एक कारण है कि हम अन्य प्राणियों से श्रेष्ठ कहलाते हैंै। हम इस शक्ति का सदुपयोग कैसे करते हैं, यह हम पर निर्भर है। अनवरत् अच्छे कार्यों तथा प्रयासों से ही कोई महान् बनता है न कि जन्म से महान होता है।

समय का सदुपयोग जो कर सके वही अपने लक्ष्य को सहजता एवं सरलता से प्राप्त कर लेता है। जो समय का सदुपयोग नहीं करते है वह अपने लक्ष्य से कोसों दूर चले जाते हैं। समय अनमोल है, इस बात को हमें याद रखना चाहिये। समय की पाबंदी व्यक्ति को अनुशासित बनाती है। अनुशासित व्यक्ति में धैर्यता का गुण अपने आप ही आ जाता है। इसके फलस्वरूप अव्यवस्था नहीं होती तथा जल्दबाजी नहीं करनी पड़ती। असफलता ही सफलता की कुंजी है। कुछ लोग असफलता को अपराध मानते हैं, किंतु असफलता अपराध नहीं है वरन् लक्ष्य को छोटा करना अपराध है।

आपको अपने परिवार, गुरूजनों, महाविद्यालय और अपने देश पर गर्व होना चाहिये।

मैं आप सभी को आश्वस्त करना चाहूंगा कि जी.टी.बी. महाविद्यालय शिक्षा के स्तर एवं विकास प्रक्रिया को कायम रखने के लिए वचनबद्ध है। मैं हृदय से आभारी हूं उन पालकों, छात्रों व महाविद्यालय परिवार का जिनकी मदद से समस्त बाधाओं को पार करते हुये अपने लक्ष्य की ओर सतत् अग्रसर हैं।

शुभकामनाओं सहित…!

डाॅ. जी. एस. अरोरा

अध्यक्ष, शासी निकाय

जी.टी.बी. महाविद्यालय

PRINCIPAL'S DESK